अगर दिल में जज्बा हो तब हीं पत्रकारिता में आनी चाहिए पैसे कमाने के उदेश्य से कभी भी पत्रकार नहीं बनना चाहिए । क्यों की पत्रकारिता कोई धंधा नहीं एक मिशन होता है , और पत्रकार उस मिशन का एक मात्र सिपाही होता है न की उसका मालिक । पत्रकारिता के आड़ में अगर कोई गुंडागर्दी करे तो उसको पत्रकार नहीं एक ब्रोकर बोला जायेगा। ऐसे लोग पत्रकारिता के कचरे होते हैं, और इनका अंत बहुत बुरा होता है ।पत्रकार का काम है समाज के कचरे को साफ़ करना न की समाज में और कचरा बिखेरना। क्यों की दुनिया बड़े विश्वाश के साथ पत्रकारों को देश का चौथा स्तम्भ कहती है । उनकी विश्वाश का सम्मान रखना हर पत्रकार का कर्तब्य है.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें