जिले में बच्चियों की तस्करी विकराल रूप लेती जा रही है। आये दिन मानव तस्करों के द्वारा यहां से सीधे साधे आदिवासी बालाओं को महानगरों में बेच देने का मामला प्रकाश में आता रहता है। गंभीर रूप धारण करती इस समस्या से निजात पाने के लिए जिला प्रषासन एक नई पहल शुरू कर रहा है। बाल कल्याण समीति और नगर पंचायत के संयुक्त रूप से शुरू हुई इस योजना में नगर पंचायत के वार्डो में वार्ड पार्शदों द्वारा वैसे परिवारों को चिन्हित किया जा रहा है, जिनमें काफी अशिक्षा और गरीबी है। एैसे परिवारों के बच्चों में पलायन और दलालों द्वारा ठग फुसला कर महानगरों में ले जाने का खतरा काफी ज्यादा रहता है। नगर पंचायत और बाल कल्याण समीति एैसे परिवारों के बच्चों को अपने खर्च पर विद्यालयों में पढायेगा और पालन पोशण करेगा।
सरकार चाहे लाख दावा भी करे लेकिन इस क्षेत्र से पलायन की समस्या का मुख्य कारण अशिक्षा और गरीबी है। लोगों के पास रोजगार के साधन नहीं हैं। गांव तो क्या नगर पंचायत के भी अधिकांश क्षेत्रों में लोगों को मुलभुत सुविधाये तक मुहैया नहीं हैं। ऐसे में जब तक मां बाप को अपने बच्चों के पालन पोशण के लिए पैसे नहीं होगें तो बच्चे कमाने के लिए दलालों के झासे में आ ही जायेगें। लेकिन अब अगर प्रशासन उनके बच्चों की जिम्मेवारी ले लेगा तो निश्चित हीं एैसे मामलों में कमी आयेगी।
ashish shastri simdega 9334346611
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