बुधवार, 6 अप्रैल 2011

पुलिस ने उखाडा गडा मुर्दा


आपने ये जरूर सुना होगा कि पुलिस गडे मुर्दे उखाडती है। जी हां ये सही है, सिमडेगा पुलिस ने नौ माह पूर्व हुए एक अपहरण कांड का उदभेदन कर लिया है। पुलिस न केवल इस कांड में शामिल चार अपराधियों में से तीन को गिरफ्तार कर लिया है, बल्कि इनके निषानदेही पर अपहरण के बाद अपहृत युवक को मार कर नदी के किनारे गाडे गये उसके कंकाल को भी खुदाई कर बरामद लिया।

ये आंखे उस बदनसीब पत्नी के हैं जिसके आंखों के आंसु पिछले नौ माह से अपने पति का इंतजार करते करते थक चुकी है। इसकी गोद में ये मासुम चेहरा उस अभागे बेटे का है जो होष संभालने के बाद अपने पिता को एक बार भी नहीं देख सका। दरअसल ये कहानी धोखे और फरेब की है। जिसमें महज 30 हजार रूपये के लिए हत्यारों ने एक बसी बसाई परिवार की खुशियां छीन ली। जी हां महज 30 हजार रूपये के लिए एक युवक का अपहरण उसी के दोस्तो के द्वारा कर उसकी कर दी गयी। लेकिन इस हत्या के पहले और इसके बाद इतनी साजिश रची गयी जिसे जान कर आप भौचक रह जायेगे। गुमला जिला के कामडरा थाना क्षेत्र का रहने वाला सुरेश साहु सपने में भी यह नहीं सोंचा होगा कि उसका पडोसी और उसके गाडी के कर्मचारी  हीं उसकी हत्या कर देगे। दरअसल सुरेश को एक मोटरसाईकिल की जरूरत थी। इसी बात का फायदा उसके पडोसी अरविन्द साहु, संतु बडाइक, उसके गाडी के चालक जयधर गोप ने उठाया। इन तीनों ने मिल कर सिमडेगा के बलासियुस लकडा के साथ मिल कर सुरेश की हत्या कि साजिष रची। इन चारों ने सुरेश को मोटरसाइकिल खरिदने के बहाने नौ जुलाई को सिमडेगा बुलाया। सुरेश मोटरसाइकिल खरिदने के लिए 30 हजार रूपये लेकर सिमडेगा पंहुच गया। सिमडेगा पंहुचने बाद सुरेश अपने गाडी के चालक जयधर गोप और दोनो पडोसी अरविन्द और संतु के साथ दिन का खाना भी खाया। इसके बाद सुरेश इन तीनों के साथ बलासियुस के घर सिमडेगा थाना क्षेत्र के टभाडीह गया। जहां बलासियुस इन सब के लिए खस्सी कटवाया था। रात में सुरेश इन चारों के के साथ रात में खस्सी भात खाया। इसके बाद सभी वहीं सो गये। लेकिन सुरेश को क्या मालुम था कि वह फिर से सुबह नहीं देख पायेगा। अरविन्द,संतु, बलासियुस और जयधर गोप सुरेश के सोने का हीं इंतजार कर रहे थे। सुरेश के सोते हीं चारों ने मिल कर कुल्हाडी से मार कर सुरेश की हत्या कर दी और उसके जेब में रखे 30 हजार रूपये आपस में बांट लिए। बात यहीं खत्म नहीं हुई। इन चारों ने सुरेश की हत्या करने के बाद साक्ष्य छुपाने के उदेश्य से सुरेष के शव को दो नदियों के संगम स्थल पर झाडियों के बीच लगभग छह फिट गढे खोद कर दफन कर दिया।

स्ुरेश के घर नहीं लौटने पर उसके घरवालों ने उसकी खोजबीन षुरू की। लेकिन जब उसकी कोई खोज खबर नहीं लगी तो सुरेश की पत्नी ने सिमडेगा थाने में 14 जुलाई 2010 को सिमडेगा थाने में सुरेश के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज करायी। दर्ज प्राथमिकी में सुरेश की पत्नी संगीता ने बताया कि संतु बडाइक और जयधर गोप तीन जुलाई 2010 को सुरेश को फोन कर कहा कि उसके लिए सिमडेगा में एक सेकेन्ड हैंड मोटरसाईकिल देखी है। उन लोगों ने सुरेश को 30 हजार रूपये लेकर सिमडेगा बुलाया। इसके बाद सुरेष नौ जुलाई को बैंक से तीस हजार रूपये निकाल कर सिमडेगा पंहुचा। इसके बाद से हीं सुरेश का कोई पता नहीं लग रहा है। दर्ज प्राथमिकी के आधार पर सिमडेगा पुलिस संतु जो कि सर्व शिक्षा अभियान में कार्यरत था। उस पर दबाव डालना शुरू कर दी। पुलिसिया दबीस बढने पर संतु ने फिर एक नई कहानी रची। संतु अपने हीं अपहरण की एक साजिश रच कर सुरेश के तीन परिजनों के उपर अपने अपहरण के आरोप में कामडरा थाने में 24 मार्च 2011 को एक प्राथमिकी दर्ज कराया। कामडरा पुलिस संतु की खोजबीन करते हुए उसे 29 मार्च 2011 को पश्चिमि सिंहभुम के मनोहरपुर से बरामद किया। सिमडेगा पुलिस को जब संतु के इस साजिश की सुचना मिली तो पुलिस कामडरा जाकर संतु बडाइक को अपने साथ सिमडेगा ले आयी और उससे सुरेश अपहरण मामले में पुछताछ शुरू कर दी। संतु के निषानदेही पर सिमडेगा निवासी बलासियुस की गिरफ्तारी तीन आप्रैल 2011 को की गयी। इन दोनो से पुछताछ करने के बाद बाद तो परत दर परत सारे मामले का खुलासा होने लगा। बलासियुस पुलिसिया दबाव के आगे टुट गया और उसने सारी घटना के बारे में पुलिस को बता दिया। तब जाकर ये बात साफ हुई कि सुरेश की हत्या कर दी गयी है और इस हत्या में सुरेश का पडोसी अरविन्द भी शामिल है। पुलिस अरविन्द की गिरफ्तारी कर उसे भी सिमडेगा ले आयी। सुरेश के घर वाले जो अब तक उसके लौटने का इंतजार कर रहे थे। उन्हे भी उसकी हत्या की खबर दे दी गयी। इसके उसके परिजन भी सिमडेगा पंहुच गये। इधर सिमडेगा पुलिस बलासियुस की निषानदेही पर एक मजिस्टेªट नियुक्त कर सुरेश के शव को निकालने पंहुची। लेकिन इन हत्यारों ने सुरेष के शव को इतना नीचे दफना दिया था कि पुलिस को इसके शव निकालने के लिए जेसीबी मशीन का भी प्रयोग करना पडा। सुरेश के इस शव की पहचान उसके कपडे और बेल्ट के आधार पर उसकी पत्नी ने किया। पुलिस सुरेष के कंकाल रूप में शव निकाल कर उसे फाॅरेसिक जांच के लिए रांची भेज दी।

इधर अपने पति के हत्या की खबर मिलने के बाद सिमडेगा पंहुची उसकी पत्नी संगीता के दिल में इन हत्यारों के प्रति काफी आक्रोश भरा हुआ था। वह इन हत्यारों को अपने हाथों से मारने की जीद कर रही थी। वही सुरेश के बच्चे और उसके अन्य परिजन की आंखे इस घटना की सच्चाई जान कर आष्चर्य चकित थे।

इस हत्याकांड में शामिल तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जबकि एक आरोपी जयधर फरार है। पुलिस का दावा है कि वह भी जल्द हीं पकडा जायेगा।



ashish shastri simdega 9334346611

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