सोमवार, 1 नवंबर 2010

प्रेम

निस्वार्थ समर्पण और विश्वास  है प्रेम
एक पवित्र बंधन एक पूजा है प्रेम
आसमानों से ऊँचा, सागर से गहरा है प्रेम
एक आस्था एक शक्ति  है प्रेम
सारे सपनो हा हमराज़ है प्रेम
सारे भावनाओ का एहसास है प्रेम
हवाओं में फैला मधुर  संगीत  है प्रेम
मन से दिल का अटूट रिश्ता है प्रेम
आत्मा से आत्मा का मिलन है प्रेम
कुदरत का सुंदर रचना है प्रेम
ashish shastri simdega 9334346611

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