सर्वहारा वर्ग को सामतीं शक्तियों के शोशण से बचाने और उनको बंदुक के बल पर न्याय दिलाने के लिए 60 और 70 के दशक के मध्य में बंगाल के नक्सलबाडी से शुरू हुआ नक्सली आंदोलन समय के साथ साथ अपने नीति और सिद्धांत खो चुका है, और अब यह संगठन सिर्फ हथियार के बल पर लेवी लेना और अय्याशी करने तक
नक्सली संगठन भाकपा माओवादी अपने सिद्धांत से भटक कर अब लेवी लेकर अय्याशी करने तक सिमित हो गये है। ये बाते माओवादियों द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति से छन कर आयी है। माओवादियों संगठन के गुमला सिमडेगा सब जोनल सचिव विश्वामित्र द्वारा सिमडेगा में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी किया है। इस विज्ञप्ति में माओवादी संगठन ने अपने पूर्व सबजोनल कमांडर अजय गंझु पर पार्टी के नाम पर लेवी वसुल कर पैसे गबन करने का आरोप लगाते हुए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। गौरतलब है कि अजय गंझु की गिरफ्तारी 30 सितंबर 2009 को सिमडेगा पुलिस द्वारा लातेहार के चंदवा से की गयी थी। अजय अभी सिमडेगा जेल में बंद है। इस बारे में सिमडेगा एसपी का कहना है कि माओवादियों की ये पुरानी आदत है कि संगठन के एरिया कमांडर या सब जोनल कमांडर लेवी की रकम गबन कर लेते हैं और लेवी के पैसे को लेकर माओवादी पार्टी में हमेशा बेईमानी चलती रहती है।
साथ हीं इस प्रेस विज्ञप्ति में माओवादी संगठन ने अजय गंझु का एक महिला के साथ अवैध संबध का भी जिक्र किया गया है। माओवादियों की अय्याशी की कहानी पहले भी प्रकाश में आती रही है। झारखंड के रांची में कुछ दिनों पूर्व गिरफ्तार हुई माओवादी संगठन की महिला सदस्य फुलमती और शोभा ने भी इस बात का खुलासा किया था कि संगठन में शामिल महिला सदस्यों का शारीरीक शोषण किया जाता है। सिमडेगा एसपी का भी कहना है कि माओवादी संगठन की महिलाओं के अलावे बाहरी महिलाओं का भी शोषण करने से बाज नहीं आते हैं। मतलब यह है कि माओवादी जिस समाज के लिए हक लडाई लड रहे थे अब उसी समाज के लोगो का शोषण बंदुक के बल पर कर रहे हैं।
ashish shastri simdega 9334346611


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